Monday, October 20, 2014

डगर थाइलैंड की भाग 1 : सफ़र राँची से बैंकाक का ! How to plan your trip to Thailand ?

पिछले हफ्ते आपसे वादा था थाइलैंड की पिछले अक्टूबर में की गई यात्रा का विवरण आपके सम्मुख लाने का। ये यात्रा भले ही अक्टूबर के पहले हफ्ते में शुरु हुई थी पर तैयारियाँ हमने अगस्त से ही शुरु कर दी थीं। पहले योजना श्रीलंका जाने की थी और हमारा इरादा  पैकेज टूर लेने का था पर ढेर सारे अनुसंधान के बाद हमने मध्य और दक्षिणी श्रीलंका में जाने के लिए जो जगहें चिन्हित की वो कोई पैकेज टूर वाला ले जाने को तैयार नहीं हुआ वहीं पूरी तरह अपने अनुसार बनाया हुआ कार्यक्रम मँहगा सिद्ध हो रहा था। 

हम इसी उहापोह में थे कि समूह में से किसी ने सुझाव दिया कि श्रीलंका की बजाए थाइलैंड क्यूँ ना जाया जाए ? थाइलैंड की छवि को लेकर मेरे मन में संशय था कि श्रीलंका की तुलना में वहाँ चमक दमक तो ज्यादा होगी पर शायद वैसी नेसर्गिक सुंदरता ना मिले। पर जब बैंकाक और पटाया को केंद्र ना बना के फुकेट के आस पास के तटीय इलाकों की टोह लेने की बात हुई तो मुझे ये प्रस्ताव जँच गया। 

दो तीन टूर आपरेटरों से बात करने के बाद लगा कि पैकेज टूर के बजाए अगर सब कुछ ख़ुद से ही किया जाए तो शायद हम अपनी मर्जी से घूम पाएँगे और पैसों की भी बचत होगी। तो सबसे पहले Air Asia से कोलकाता से बैकांक और बैकांक से फुकेत की उड़ानें बिना किसी एजेंट के मदद  लिए ख़ुद ही बुक कर लीं। चूँकि हम दुर्गा पूजा की छुट्टियों में और वो भी कोलकाता से जा रहे थे इसलिए टिकट की दरें प्रति व्यक्ति हजार से डेढ़ हजार तक ज्यादा हो गयीं थीं। वैसे इतना तो पक्का है कि अगर आपको टिकट भाड़ा कम करना है तो छुट्टियों को छोड़कर यानि कार्यालय से अवकाश लेकर यात्रा करनी होगी पर आफिस की सी एल भी तो कम मूल्यवान नहीं है। सो दोनों का संतुलन रखना बड़ा जरूरी हो जाता है।
 

हवाई टिकट आरक्षित हो जाने के बाद हम लोग कुछ हफ्ते निश्चिंतता से बैठे रहे कि अभी तो दो महीने बाकी हैं। बाद में कर लेंगे। पर दस पन्द्रह दिनों बाद जब अक्तूबर के लिए नेट पर उनके भाव को भी बढ़ता पाया तो निश्चय हुआ कि अब इस काम को भी निपटा देना है। 

विदेशों में होटल बुकिंग के लिए कुछ पोर्टल सिर्फ आपका क्रेडिट कार्ड नंबर लेते हैं। अगर आप आरक्षण को निर्धारित समय सीमा के पहले रद्द के दें तो आपका पैसा नहीं कटता पर ऐसा ना करने पर एक दिन का किराया क्रेडिट कार्ड से कट जाता है। हमने काफी छानबीन के बाद Expedia से फुकेत और Make My Trip से बैंकाक का टिकट आरक्षित कर लिया। 

होटल और हवाई टिकट तो बुक हो गया पर विदेश में भाषा का पर्याप्त ज्ञान ना होने पर असली समस्या तो वहाँ घूमने की होती है। अब हमने घूमने की जगहें तो पक्की कर ली थीं पर इंटरनेट पर मौज़ूद वहाँ की स्थानीय एजेंसियों में किसे विश्वसनीय मानें ये समझ नहीं आ रहा था। जो टिकट दरें वहाँ के जाल पृष्ठ बता रहे थे उससे कहीं कम में Make My Trip वाले quote दे रहे थे। सो मैंने आपना कार्यक्रम विस्तार से बता कर उन्हें दे दिया और उन्होंने उसी हिसाब से हमारा घूमने का इंतज़ाम भी कर दिया। छः अक्टूबर को दिन में दो बजे के करीब हमें राँची से कोलकाता रवाना होना था। 


कोलकाता से हमारी उड़ान रात के दो बजे थी यानि हमने दोनों उड़ानों के बीच करीब दस घंटे का अतिरिक्त समय रखा था। पर आप कितनी भी योजना बना लें , ऊपरवाले के सामने किसकी चली है। पूरे लाव लश्कर के साथ हम जब राँची के हवाई अड्डे पहुँचे तो पता चला की हमारी उड़ान अनिश्चितकालीन रूप से विलंवित है। जेट एयरवेज की उस उड़ान को पहले सिलचर से कोलकाता आना था और फिर वहाँ से राँची। पता चला कोलकाता तो दूर की बात है खराब मौसम के चलते वो सिलचर से ही नहीं उड़ा है। बच्चों से लेकर हम सभी के चेहरों का रंग उस वक़्त देखने लायक था। विमान के इंतज़ार में अगले चार घंटे इसी हालत में बीते। शाम के छः बजे खबर आई कि विमान कोलकाता के लिए उड़ चुका है। दो घंटे और इंतज़ार करने के बाद आख़िरकार आठ बजे विमान ने जब राँची में अपने दर्शन दिए तो हमारी जान में जान आई।



रात पौने दस बजे हम कोलकाता हवाई अड्डे पर थे। थाइलैंड वाली उड़ान में अभी भी तीन चार घंटे का वक़्त और था।  पहली यात्रा का तनाव खत्म होने के साथ बूख ने बिगुल बजाना शुरु कर दिया था


हवाई अड्डे पर भोजन का भी ज्यादा विकल्प नहीं था। डेढ़ सौ की वेज और दो सौ की नॉन वेज बिरयानी खा कर पेट की क्षुधा शांत की गई। आदमी कम थे और एयररपोर्ट वालों का एसी इतना जबरदस्त था कि जमाए दे रहा था। अब थाइलैंड की गर्मी झेलने के हिसाब से लिए गए कपड़े इस एसी की ठंड को दूर रखने के लिए पूरे नहीं पड़ रहे थे।


रात के डेढ़ बजते बजते नींद और प्रतीक्षा की थकान से सबकी आँखें लाल हो चुकी थीं। कोलकाता से बैकांक की उड़ान में ढाई घंटे का समय लगता है यानि भारतीय समयानुसार साढ़े चार बजे हम बैकांक की धरती पर पहुँच चुके थे हालांकि थाइलैंड में उस वक़्त सुबह के छः बज रहे थे।


बहरहाल On Arrival Visa में हमें फिर से फोटो खिंचाना पड़ा। वज़ह क्या थी वो कुछ खास समझ नहीं आई। एक घंटे से कम समय में ही सारी प्रक्रिया पूरी हो गई। अब हमें फुकेत के लिए नौ बजे उड़ने वाले विमान की प्रतीक्षा करनी थी। हमारे एयरपोर्ट का नाम Don Muang International Airport था। Air Asia की उड़ानें बैंकाक के इस पुराने हवाई अड्डे पर उतरती हैं जबकि थाई एयरवेज की उड़ानें मुख्य हवाई अड्डे सुवर्णभूमि से चलती हैं। जापान से लौटते वक़्त मैं बैंकांक के मुख्य हवाईअड्डे सुवर्णभूमि को पहले ही देख चुका था।


नींद तो असमय टूट ही चुकी थी सो बचे खुचे वक़्त को मैंने एयरपोर्ट में चहलकदमी कर बिताना बेहतर समझा। हवाईअड्डे पर सुबह प्रकाशित अखबार आ चुका था। पर सारे समाचार पत्र थाई भाषा के ही दिखाई पड़ रहे थे। थाइलैंड की लिपि चीनी और जापानी भाषाओं से ज्यादा मुझे अपनी दक्षिण भारतीय भाषाओं से मिलती जुलती दिखाई दी।


थाइलैंड में केलों की कई विविध प्रजातियाँ पाई जाती हैं और इसीलिए इनसे जुड़े उत्पाद भी खूब मिलते हैं। रही बात अमरूद की तो बैंकाक में हमें बड़े आकार का ऍसा अमरूद खाने को मिला जिसमें बीज ना के बराबर था।


बैंकाक बौद्ध मंदिरों का शहर है और उसकी एक झलकी एयरपोर्ट पर बना ये प्रारूप भी देता है।


हफ्ते भर की इस यात्रा में हमें साढ़े चार दिन फुकेट (फुकेत) और ढाई दिन बैंकाक में बिताने थे। फुकेट को आसमान से देखने की ललक हम सबमें थी सो खिड़की की सीट को पहले से ही आरक्षित करवा लिया था। एयर एशिया वैसे तो कम मूल्य वाली विमान सेवा है पर ये हर अतिरिक्त सुविधा जैसे अपनी पसंद की सीट, बैगेज, खाने आदि का अतिरिक्त शुल्क लेती है। हमने इसकी तीन उड़ानों पर सफ़र किया और कुल मिलाकर इसकी सेवाओं को संतोषप्रद पाया।


तो आज इस विवरण को यहीं विराम देता हूँ। थाइलैंड की इस यात्रा की अगली कड़ी में आपको दिखाऊँगा कि समुद्र के किनारे बसा तटीय शहर फुकेत आसमान से कैसा दिखाई पड़ता है?

थाइलैंड की इस श्रंखला में अब तक

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18 comments:

  1. रोमांचक !! अगली कड़ी का बेसब्री से इंत्जार रहेगा ।

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    1. शीघ्र ही आ रही है अगली कड़ी। :)

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  2. Aapke Likhne ka saral aur sahaj andaaj mujhe behad pasand hai.

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    1. जानकर खुशी हुई।

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  3. I also planning for Thailand... nice experience...

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    1. Nice to know that it was useful for you.

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  4. ACTUALLY Sir mai kbhi abroad nhi gya hu. So I am planning to visit thailand next year with my friends. So I wanted to know that how much will it cost for four people from Delhi to Phuket approximately ?

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  5. दीपक प्रति व्यक्ति नई दिल्ली से फुकेट तक का ये खर्चा 15000 से 2000 के बीच पड़ेगा। विस्तार से आपकी बात का जवाब सबकी सुविधा के लिए इस ब्लॉग के फेसबुक पेज पर दे रहा हूँ।

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    1. शुक्रिया हर्षिता !

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  7. Sir ji, Bahut intazaar karwaa diyaa is baar, kahan hai agla part??

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    1. अरे मुकेश शायद आपने देखा नहीं इसकी अगली तीन कड़ियाँ आ चुकी हैं...:)

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  8. Achha concept hai .. mujhe reading karke aisa laga k me khud thailan ja raha hu..

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  9. Am reading it first time..it was awesome experience.......

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  10. On arrival visa me kitne paise lgta hai bangkok me

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    1. When we went three years ago it was Rs 1500 per person.

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