सोमवार, 28 अप्रैल 2008

मुसाफ़िर हूँ यारों : मेरा नया यात्रा चिट्ठा !

जिंदगी एक यात्रा है और हम सभी इसके मुसाफ़िर हैं। पर कभी-कभी इस रोजमर्रा की राह से अलग हटने को जी चाहता है। भटकने को जी चाहता है और हम निकल पड़ते हैं एक अलग से सफ़र पर अलग सी दुनिया में। जब जब मैं किसी नई जगह के लिए निकलता हूँ मुझमें अंदर तक एक नई उर्जा समा जाती है। मुझे आज तक कुल मिलाकर अपना हर सफ़र, हर जगह कुछ विशिष्ट सी लगी है। इसी विशिष्टता को मैं अपने यात्रा वृत्तांतों में शामिल करने की कोशिश करता हूँ।

खैर सवाल है कि ये नया चिट्ठा क्यूँ ? अपनी यायावरी के किस्से एक शाम मेरे नाम पर संगीत और साहित्य के साथ परोसता ही आया हूँ।

एक चिट्ठे को सँभालने के लिए ही फुर्सत नहीं मिलती तो ये दूसरा क्या खाक सँभलेगा ?
पहले प्रश्न का जवाब तो ये है कि पत्रकारों द्वारा चिट्ठाकारिता पर लिखे शुरुआती लेखों पर ये शिकायत भी पढ़ी कि हिंदी में कोई प्रतिबद्ध यात्रा चिट्ठा यानि Travel Blog नहीं है। हालांकि तब तक मैंने ये देखा था कि हमारे साथी चिट्ठाकार नियमित रूप से तो नहीं पर बीच-बीच में अपनी यात्राओं के विवरण देते ही रहे हैं। इधर मेरी नज़र में कुछ चिट्ठे आए हैं जिन्होंने यात्रा को अपने चिट्ठे की मुख्य थीम बनाया है। हालांकि वे अब तक किसी एग्रगेटर से नहीं जुड़े हैं। इस चिट्ठे के माध्यम से मेरी कोशिश रहेगी कि हिंदी में यात्रा विवरण लिखने वालों को नियमित चर्चा यहाँ पर हो। जो लोग चिट्ठाकार नहीं हैं पर अपनी यात्राओं के बारे में रोचक तरीके से हिंदी में लिख सकते हैं उनके लेख भी मुझे इस चिट्ठे पर शामिल करने में खुशी होगी।

साथ ही साथ ही अपने यात्रा वृत्तातों को संकलित रूप में मैं इस चिट्ठे पर डालूँगा जिनसे उन लोगों की शिकायत दूर होगी जो हिस्सों में पढ़ने के बजाए एक बार ही में पूरा आलेख पढ़ना चाहते हैं।

रही सँभालने की बात तो विषय आधारित चिट्ठों की प्रकृति ऍसी है कि वो आम चिट्ठों जैसे सक्रिय नहीं रह सकते। फिर भी ये प्रयास रहेगा कि बीच बीच में यात्रा से जुड़ी उपयोगी और दिलचस्प जानकारियाँ आप तक पहुँचाता रहूँ। आपके सुझाव और शुभकामनाएँ अपेक्षित हैं।

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