Wednesday, April 24, 2013

क्या खास है अंडमान में ? क्यूँ जाएँ अंडमान (Andaman) ?

सुनामी के ठीक एक महीने पहले मैं अंडमान (Andaman) गया था। इतने साल बीतने के बाद भी अंडमान  की यादें मन में हूबहू अंकित हैं।  कुछ ही दिनों पहले अंडमान जाने के सिलसिले में  एक साथी ब्लॉगर ने प्रश्न किया था कि अंडमान जाने में कितना खर्च लग सकता है ? मैंने सोचा क्यूँ ना इसके जवाब के साथ साथ आपको ये भी बता दें कि इस खर्चे के बदले में आप अंडमान से क्या उम्मीद रख सकते हैं? आखिर ऍसा क्या खास है अंडमान में ?

क्यूँ जाएँ अंडमान ?


मुझे नहीं लगता कि भारत में इस पर्यटन स्थल सरीखी कोई दूसरी जगह है। अंडमान के पास अगर मन मोहने वाले समुद्र तट हैं तो साथ ही घंटों रास्ते के साथ-साथ चलने वाले हरे-भरे घने जंगल। स्वाधीनता की लड़ाई से जुड़ी धरोहरें हैं तो साथ ही प्राक-ऐतिहासिक काल जीवनशैली की झलक दिखाती यहाँ की अद्भुत जन जातियाँ।



एक ओर समुद्र तल में कोरल के अद्भुत आकारों की विविध झांकियाँ हैं तो साथ ही वर्षा वन आच्छादित खूबसूरत पहाड़ियाँ। कुल मिलाकर ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि अंडमान अपने आप में कई पर्यटन स्थलों की विविधता को समेटे हुए है। तो हुजूर, अगर अब तक नहीं गए हों देर मत कीजिए..भारत की धरती का ये हिस्सा आपको बुला रहा है।


अंडमान की मेरी पाँच सर्वप्रिय जगहें


तो आइए आपको बताते है अंडमान की उन पाँच जगहों के बारे में जो मेरी सर्वप्रिय हैं...

  • सेलुलर जेल भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के इस यातना केंद्र का इतिहास एक ओर तो हमारे पुरखों द्वारा की गई कुर्बानियों से मन को द्रवित करता है वहीं दूसरी ओर अंग्रेजों को इस देश से बाहर निकालने के उनके जज़्बे से गर्वित भी महसूस करता है। अंडमान में सेलुलर जेल देखने के बाद रात में होने वाले नाइट एंड साउंड शो को जरूर देखें। उसके बिना कालापानी की यात्रा अधूरी है।

  • अंडमान ट्रंक रोड अंडमान के जंगलों से बीच जाती ये सड़क कोई आम सड़क नहीं है बल्कि यहाँ रहने वाले आदिवासियों की आदिम संस्कृति का दर्पण है। इससे गुजर कर ही आप अंडमान के मैनग्रोव जंगलों को करीब से महसूस कर सकते हैं। पोर्ट ब्लेयर से दिगलीपुर के इस सफ़र में आपको बाहर से आ कर अंडमान में बसे लोगों की संस्कृति का भी अंदाजा मिलता है।
  • महात्मा गाँधी मैरीन नेशनल पार्क  सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण यहाँ के समुद्र के अंदर की खूबसोरत कोरल रीफ (Coral Reef) है । कोरल को और करीब से देखने के लिए यहाँ गोताखोरी की भी व्यवस्था है । गर आपको तैरना नहीं आता तो साथ में एक गोताखोर भी रहता है। कोरल देखते- देखते बीच- बीच में स्टार फिश और सी -हार्स जैसे छोटे जीवों को इतने करीब से देखना एक अविस्मरणीय अनुभव है।
  • बाराटाँग (Baratang) : अंडमान ट्रंक रोड से उत्तर की ओर बढ़ने पर सबसे पहला पड़ाव बाराटाँग ही होता है।बाराटाँग में मड वॉलकेनो (Mud Volcano), चूनापत्थर की गुफा और जारवा जाति के लोगों से प्रत्यक्ष मिलने का संयोग कभी ना भूलने वाला है।

  •  हैवलॉक द्वीप और राधानगर समुद्र तट :वैसे तो हैवलॉक में कई टूरिस्ट रिसार्ट हैं। पर ज्यादातर के मुख्य ग्राहक विदेशी सैलानी ही हैं। पर आम जनता में सबसे लोकप्रिय, अंडमान पर्यटन द्वारा संचालित डॉलफिन रिसार्ट (Dolphin Resort) है। ये रिसार्ट बेहद खूबसूरत है । अलग अलग झोपड़ीनुमा कमरे ... उन्हें आपस में जोड़ती पगडंडियाँ जिनकी दोनों ओर पौधों की मोहक कतारें हैं। भारत के सारे समुद्र तटों में हैवलॉक व राधानगर के समुद्र तट सबसे स्वच्छ नज़र आते हैं। यहाँ समुद्र का पारदर्शक पानी आपको मारीशस की याद दिलाता है। 

वैसे इनके आलावा भी अंडमान के अन्य आकर्षण जैसे रॉस द्वीप, चाथम, चिड़िया टापू, सिपीघाट, माउंट हैरियट आदि आपको पसंद आएँगे। इनके बारे में विस्तृत विवरण  आपको अंडमान के मेरे यात्रा वृत्तांत में मिल जाएगा।

 

 यात्रा सुझाव (Travel Tips)

  • वैसे अंडमान में ज्यादातर लोग पोर्ट ब्लेयर और हैवलॉक की यात्रा कर लौट आते हैं। इसके लिए सात दिन पर्याप्त हैं। अंडमान में कई और खूबसूरत जगहें भी हैं जैसे बाराटाँग , मायाबंदर, दिगलीपुर, लिटिल अंडमान। आप अपने कार्यक्रम में जैसे ही इनको शामिल करेंगे उसी हिसाब से आपको वहाँ रहने की अवधि बढ़ानी पड़ेगी।
  • अक्टूबर से मई तक का समय अंडमान जाने के लिए बेहतरीन माना जाता है। अंडमान में तापमान पच्चीस से पैंतीस के बीच ही रहता है। यानि ना ज्यादा ठंडा और ना ही ज्यादा गर्म। आद्रता (Humidity) वहाँ सालों भर रहती है इसलिए हल्के फुल्के कपड़े ही ले के जाएँ।
  • अंडमान के सरकारी गेस्ट हाउस में औसतन एक बजट ट्रैवेलर के लिए नान एसी डबल बेड Rs 600  में मिल जाता है पर एसी के लिए आपको Rs 2000 प्रति दिन के हिसाब से देने पड़ सकते हैं। जिस होटल में रहे पहले से बुकिंग कराना श्रेयस्कर है। पोर्टब्लेयर में कई अच्छे रेस्ट्राँ हैं आपको हर तरह का भारतीय व्यंजन (वेज या नॉन वेज) वहाँ  मिल जाएगा।पर ये सहूलियत पोर्ट ब्लेयर से दूर जाते वक़्त अपेक्षाकृत कम हो जाएगी।
  • अंडमान जाने के लिए मुख्य खर्चा हवाई यात्रा का है। दिल्ली से पोर्ट ब्लेयर तक आने जाने का प्रति व्यक्ति किराया करीब बीस हजार है जो सीजन के हिसाब से घटता बढ़ता है। वैसे काफी पहले बुकिंग करने पर समय समय पर इसमें और छूट भी मिलती रहती हैं। सामान्यतः अंडमान के अंदर घूमने के लिए टैक्सी, बस और फेरी का उपयोग करना पड़ता है।  
  • कई टिकट जैसे सेलुलर जेल का नाइट एंड साउंड शो, हैवलॉक रिसार्ट तक फेरी से आना जाना आदि अगर अपने एजेंट द्वारा या ख़ुद जाकर पहले से कटा लें तो आपके समय का सही सदुपयोग हो सकता है।

अगर अंडमान से जुड़ा आपके मन में कोई सवाल हो तो अवश्य पूछें। अंडमान यात्रा से जुड़ी जानकारी इन जाल पृष्ठों से भी मिल सकती है। आप फेसबुक पर भी इस ब्लॉग के यात्रा पृष्ठ (Facebook Travel Page) पर इस मुसाफ़िर के साथ सफ़र का आनंद उठा सकते हैं।

27 comments:

  1. रोचक वर्णन, मन में जाने का विचार है।

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    1. शीघ्र ही आपका ये विचार फलीभूत हो ऐसी आशा है।

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  2. आपनें यहां जाने की इच्छा जगा दी...

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    1. हम्म पुरी में तुमने समुद्र के दर्शन तो कर लिए पर अगर भारत में सफेद रेत और नीले पारदर्शक समुद्र को देखना हो तो अंडमान सी दूसरी जगह नहीं।

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  3. अंडमान जैसा कहां कुछ और है भारत में.

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    1. जी मेरी भी यही राय है।

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  4. पानी के जहाज से जाने का क्या तरीका है? और कहाँ-कहाँ से यह उपलब्ध रहता है?

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    1. पानी का जहाज कोलकाता, चेन्नई व विशाखापत्तनम से पोर्ट ब्लेयर जाता है। पोर्ट ब्लेयर पहुँचने में चेन्नई से 60 , कोलकाता से 66 और विशाखापत्तनम से 56 घंटे लगते हैं। साधारण दर्जे से डीलक्स केबिन तक का किराया करीब Rs 2000 से Rs 8000 तक है। ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ देखें
      http://www.tourtoandaman.com/ships_to_andaman.asp

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  5. Shukriya Manish ji.

    This place is still unexplored. Now looking fwd to it.

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    1. It's one of its kind destination in India

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  6. अपनी भी जाने की बहुत हसरत है.. जल्दी ही हसरत पूरी करते हैं

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    1. जी जरूर कीजिए!

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  7. धन्यवाद मनीष जी.... अंडमान जाने सम्बन्धी सभी जरुरी जानकारी व खर्चे की जानकारी के धन्यवाद....

    सफ़र हैं सुहाना...

    ..जिनके दिल में घुमक्कड़ी बसी है "कॉलम" में मेरा ब्लॉग को स्थान देने के लिए धन्यवाद ....

    एक बात यह की इस कॉलम में मेरा ब्लॉग अपडेट नहीं हो रहा हैं.....जो दिखा रहा हैं इसके बाद तो तीन लेख और लिख दिए हमने....

    धन्यवाद...!

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    1. रितेश ऐसा क्यूँ हो रहा है ये मेरी समझ के बाहर है क्यूँकि ब्लॉग का पता तो सही है।

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    2. मनीष जी...समस्या हमारी तरफ से फीडबर्नर से थी....जिसे अब हमने दुरस्त कर दिया है.....|

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  8. अत्यंत सुंदर

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  9. manish ji,can u plz provide me yatra vratant of bhartandu harishchand
    andman yatra vratant is good

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  10. Good to read about the islands of Andaman....but there is another coral island which is the part of India ....that is Lakkhadweep or Lakshdweep......try to give some tips on that please...

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    1. सुस्मिता मैं लक्षद्वीप नहीं गया हूँ पर अपने मित्रों से वहाँ के खूबसूरत कोरल दंवीपों के बारे में सुना है। पर लक्षद्वीप अंडमान की तरह फैलाव लिए नहीं है और अपेक्षाकृत काफी मँहगा है।

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  11. First time i am reading a travel blog in hindi. i enjoyed reading this blog.

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  12. शु्क्रिया मोना ! आशा है आप यहाँ आती रहेंगी।

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  13. अद्‍भुत, अद्‍भुत..जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है

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  14. मनीष जी आपने हमें सुनामी से पहले का अंडमान दिखाया,मैं आपको उसके बाद का दिखाउंगी.आश्चर्य है कि इतने सैलून बात भी वहां पर वो लोग सुनामी का पानी दिखाते हैं ,कई जगहों पर सुनामी के पानी ने झीलं बना दी हैं और कई सरे घर ऐसे हो गए हैं जैसे झील के मध्य में कोई टापू हो

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  15. nice photos and place.

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  16. मैं और मेरा परिवार आज ही पोर्ट ब्लेयर की मन मोहक यात्रा कर लौटे हैं। पोर्ट ब्लेयर की संस्कृति एवं विभिन्न समुदायों के लोगों में आपसी सौहाद्र देखते ही बनता है। भारत के मुख्य शहरों से हज़ारों मील दूर समंदरों के बीच स्थित अंडमान द्वीप में हिंदी भाषा का बहुउपयोग भी अधिकतर किया जाता है।
    धरती का स्वर्ग है। हैवलॉक द्वीप का राधानगर बीच, कालापत्थर बीच बहुत सुन्दर दर्शनीय स्थल हैं। रॉस आइलैंड को देखकर उसके इतिहास का वैभव महसूस होता है। एक बार जरूर देखिये।

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