Sunday, November 30, 2014

डगर थाइलैंड की भाग 7 - फुकेट : रात की रंगीनियाँ Phuket's Night Life : Fun, Food and Frolic !

किसी भी शहर की एक छवि होती है और लोग उसी हिसाब से उसके बारे में अपनी राय बना लेते हैं या यूँ कहें अपनी कल्पनाओं को मूर्त रूप देने लगते हैं। फुकेत के बारे में भी जब चर्चा होती है तो एक ओर तो इसके हसीन समुद्री तटों की बात होती है तो दूसरी ओर मौज मस्ती भरी रातों की। सच में इस शहर के दो रूप हैं एक वो जो अब तक की पिछली कड़ियों में आपने देखा और जो बहुत कुछ हमारे किसी समुद्री पर्यटन स्थल से मिलता जुलता है। फुकेत का दूसरा रूप वो है जिसे माँग और पूर्ति की  पूँजीवादी अर्थव्यवस्था की वज़ह से उसने स्वेच्छा से अपने ऊपर ओढ़ लिया है। 

एक ज़माने में फुकेत की अर्थव्यवस्था फलते फूलते टिन उद्योग से जुड़ी थीं। टिन की ख़दाने खाली हुई तो फिर धन के स्रोत सूखने लगे। रबड़ उत्पादन की वज़ह से कुछ सहारा मिला पर वो पर्याप्त नहीं था। अस्सी के दशक के पहले फुकेत के समुद्री तट बाहरी दुनिया के लिए अनजान ही थे। पर फिर यूरोपीय देशों के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ढेर सारे होटल, रिसार्ट्स, रेस्ट्राँ बने। मसॉज पार्लर तो थाई संस्कृति का हिस्सा थे ही पश्चिमी देशों से आए पर्यटकों की जरूरत को देखते हुए बीयर बार और रात्रि क्लबों के साथ देह व्यापार को भी तरज़ीह मिली।

फुकेत के इस रूप को देखने के लिए हमारा समूह भी पातोंग से सटे इन इलाकों की थाह लेने निकल पड़ा। कैसी थी फुकेट की तथाकथित 'नाइट लाइफ' आइए हमारे साथ आप ख़ुद ही देख लीजिए.. 


आठ अक्टूबर की शाम  होटल से बाहर निकल हम सड़क पार कर ही रहे थे कि मूसलाधार बारिश शुरु हो गई।  बिना छतरी ले के निकले थे सो भाग कर एक छोटी सी दुकान का सहारा लिया। हमारी इस हालत को देख तभी साइकिल से एक लड़का आया और कैरियर में बँधी बरसाती को खरीदने का आग्रह करने लगा। हम सब ने सोचा थोड़ी देर की बात है अभी क्यूँ खरीदना। पर बारिश भी नहीं रुकी और वो लड़का भी चला गया। थोड़ी देर पानी में भींगते हुए हम आगे बढ़ ही रहे थे कि हमें एक दुकान दिखी जहाँ वैसी ही बेहद पतले प्लास्टिक की बनी बरसाती बिकती मिली। मरता क्या ना करता, थोड़े मोल भाव के बाद सौ रुपये प्रति बरसाती के हिसाब से छः बरसाती खरीदकर हमारा काफिला उसी बरसात में आगे चल पड़ा। पातोंग तक पहुँचते पहुँचते बारिश धीमी हो गई थी पर इससे पहले बरसाती उतारी जाती एक वर्षा नृत्य Rain Dance तो बनता था ना।


पातोंग के समुद्र तट के समानांतर चलती Beach Road के दूसरी ओर बाजार, डिस्को और ढेर सारी खाने पीने की दुकाने हैं। अब अगर फुकेत में आएँ हो तो  Sea Food की तो विशेष किस्में दिखाई देनी ही हैं। इन नज़ारों को देख मुझे केरल का कोवलम तट याद आ गया। सबसे पहले दिखे ये घोड़े की नाल के आकार वाले केकड़े (Horse Shoe Crab)। प्लास्टिक के इस बड़े से टब में इन्हें ऐसे रखा गया था जैसे आलू प्याज हों।



आगे मछलियों की बहार थी। बर्फ में रखे Prawn, Lobsters, Shell Fish और Squids धड़ल्ले से बिक रहे थे।



यहाँ मिलने वाला समु्द्री भोजन शाकाहारी भोजन की तुलना में सस्ता है। सौ से दो सौ बहत (Baht) के बीच आप अपने मनपसंद व्यंजन की पूरी प्लेट मँगा सकते हैं। मेनू  पर ध्यान देने पर एक बात समझ आई कि ज्यादातर समुद्री व्यंजन चावल, सूप या किसी तरह के सॉस के साथ परोसे जाते हैं।

पर जो लोग मेरी तरह शाकाहारी हैं उन्हें कम से कम फुकेत में घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ पातोंग के इलाके में छोटे बड़े पाँच भारतीय भोजनालय हैं और अगर आपको समुद्री भोजन की गंध परेशान नहीं करती तो आप थाई सलाद और उनके शाकाहारी व्यंजनों का भी आनंद उठा सकते हैं।


लाल और हरी शिमला मिर्च तो हमने खूब देखी थी पर पीली पहली बार यहीं देखी

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फलों के मामले में थाइलैंड का जवाब नहीं। यहाँ के बिना बीज वाले अमरूद को तो हमने बैंकाक में चखा पर जो स्वाद फुकेत में अनानास का था उसे भुलाया नहीं जा सकता। यहाँ का पपीता भी बड़ा स्वादिष्ट होता है। केले की भी कई प्रजातियाँ हैं जिन्हें हम चख नहीं पाए। वैसे अगर आप में नए स्वादों को आज़माने का जज्बा है तो एक तरह के ताड़ वृक्ष पे होने वाले इस Snake Fruit या स्थानीय भाषा में Salak या राकम के नाम से मशहूर इस फल का स्वाद चख सकते हैं।


फुकेत में आम थोड़े लंबे आकार के मिलते हैं। वैसे जानते हैं थाई भाषा में आम को मा मुआंग कहा जाता है। किसी ठेठ बिहारी से पाला पड़ गया तो वो तो सोचेगा कि कोई उसे 'मार कर मुआने' की बात कर रहा है :)। बहरहाल इतने बड़े आम को देखकर हमारे साहबजादे भी मचल उठे और ये पोज़ दे बैठे।


Beach Road पर सबसे चमकदार होर्डिंग नज़र आती है Banana Walk की! दरअसल ये एक तिमंजिला शापिंग कॉम्पलेक्स है जो यहाँ के मशहूर बनाना डिस्को के बगल में बना हुआ है। वैसे ज़रा सोचिए क्या आप भारत में किसी फल के हिन्दी नाम पर किसी डिस्को या शापिंग मॉल की कल्पना कर सकते हैं? नहीं ना ... पर लगता है थाईलैंड में हाथी की तरह ही ये फल भी थाई चेतना का अभिन्न अंग बन चुका है।


मन तो था कि ज़रा डिस्को के अंदर की चहल पहल का अंदाज़ा लें पर डिस्को ग्यारह बजे रात के बाद ही शुरु होता है।  बाहर की खुली बॉर में कोई बैंड अपना संगीत बजा रहा था।


Beach Road पर करीब आधा किमी चलने के बाद हमलोग Bangla Road के मोड़ तक आ पहुँचे । इस Bangla Road को ही फुकेत के रात्रि जीवन का मुख्य केंद्र माना जाता है। वैसे दूर से हमें लगा कि जगमगाती रोशनी से सजी इस सड़क पर यहाँ का मुख्य बाजार होगा। हम गलत तो नहीं थे पर उस मुख्य बाजार से पहले ही वहाँ ऐसा बहुत कुछ था जिसकी मैंने कल्पना नहीं की थी।


थोड़ी दूर चले ही थे कि बीच सड़क पर षोडषियाँ न्यूनतम वस्त्रों में ग्राहकों को रिझाती नज़र आयीं। परिवार के साथ होने के बावज़ूद वो हमें अपना प्रस्ताव देने से नहीं झिझकी। टोक्यो में भी ऐसे इलाकों से मैं गुजरा था पर वहाँ कभी लड़कियों को सीधे मुसाफ़िरों से आग्रह करते हुए नहीं देखा। पास ही पातोंग का सबसे बड़ा Tiger Night Club दिख रहा था। विदेशी पर्यटकों की भारी भीड़ उसमें मौज़ूद थी। 


हर नाइट क्लब का बाहरी परिदृश्य एक सा था। सामने बनी शीशे की दीवारों के पीछे लड़कियाँ पोल डांस करती दिख रही थीं। तेज बजते संगीत के बीच लोगों बीयर की चुस्कियाँ लगाने में तल्लीन थे। बॉर के सामने ही बड़ी बड़ी घंटियाँ लगी हैं जिसे बजाकर आप अपने आने की सूचना मदिरालय में मौज़ूद साकियों को दे देते हैं। सड़क पर भी मेले जैसे माहौल था। कहीं खिलौने बिक रहे थे तो कहीं जादूगरी दिखाई जा रही थी। फर्क सिर्फ इतना था कि ये मेला सिर्फ व्यस्कों के लिए था।


क्लबों के जाल से आगे निकले तो ये विशाल मसाज़ पार्लर नज़र आया। थाइलैंड में मसाज पार्लर दो तरह के होते हैं एक तो जहाँ सिर्फ मालिश होती है और दूसरे जहाँ उसके आलावा भी और कुछ होता है। Christin Massage इस दूसरी प्रकृति के मालिश केंद्रों मे आता है। इसी सड़क पर यहाँ का सबसे बड़ा मॉल जंगसीलोन है जो फुकेत के अंग्रेजों द्वारा दिए गए नाम Junk Ceylone पर पड़ा है।


थाइलैंड के इस इलाके की सबसे खास बात मुझे ये लगी कि इस इलाके में होता जो भी हो पर ये नहीं लगता कि आप असुरक्षित हैं। नाइट क्लब वाले अपने काम में मशगूल और साथ लगी दुकानें अपनी बिक्री में। पूरे इलाके में आपको जितने पुरुष पर्यटक नज़र आएँगे उतनी ही महिला पर्यटक भी। बहुत लोगों को पातोंग का ये शोर गुल मौज मस्ती का माहौल नहीं सुहाता तो वो फुकेत के दूसरे समुद्र तटों  के पास रहते हैं। वैसे अगर आप यहाँ के माहौल का और करीब से अनुभव करना चाहते हैं तो इस जापानी पर्यटक द्वारा लिया गया ये वीडियो देखिए। 


थाइलैंड की इस श्रंखला में अब तक
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19 comments:

  1. बहुत खूब.................

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    1. सराहने का शुक्रिया !

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  2. :) :) वो आम सचमुच का है क्या..? इतना बड़ा...

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    1. ना ना इतना बड़ा आम कोई हो सकता है क्या ? :)

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  3. मजा आगया पढ़कर शुक्रिया मनीष जी

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    1. स्वागत है आपका इस ब्लॉग पर। आशा है कि आप भविष्य में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहेंगे।

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    1. शुक्रिया हर्षिता !

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  5. आपका यात्रा वृतांत बहुत ही सूचनाप्रद और जीवंत है।

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    1. आपको ये प्रविष्टि पसंद आई जान कर खुशी हुई। भूटान के बारे में दिया गया विवरण मुझे भी पसंद आया था अमित !

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  6. Hmmm Maine Thailand ki night life ke baare mein kuch likha nahi hai abhi tak kyoki samajh nahi aa raha tha ki kaise shuru kiya jaye. :)

    Lekin ab lagta hai likha jayega. :)

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    1. हाँ जरूर लिखें आप तो थाइलैंड कई बार गयी हैं। प्रतीक्षा रहेगी। हम तो एक ही रात निकल पाए जो दिखा बस उसी को बयाँ कर दिया।

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  7. I recently visited your blog through newshunt.
    Your blog is very good and much informative

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    1. शुक्रिया अतुल यहाँ पधारने के लिए ! हाँ मुसाफ़िर हूँ यारों एकमात्र ऐसा यात्रा ब्लॉग है जिसे Newshunt ने अपने travel section में जगह दी है। आपको इस ब्लाग पर प्रस्तुत यात्रा वृत्तांत अच्छे व ज्ञानवर्धक लगे जान कर खुशी हुई। आशा है आप भविष्य में भी यहाँ आकर अपने विचार व्यक्त करते रहेंगे।

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  8. its great to know about the ngt life of Thailand and also about the sea food..thnx manish...:)

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