रविवार, 13 जुलाई 2014

ये बादल भी कैसे गिरगिट सा रंग बदलते हैं ना.. Skywatch Ranchi

इधर कई हफ्तों से शाम को छत पर जाना नहीं हो पा रहा था। कई दफ़े कार्यालय से लौटते वक्त अँधेरा हो जाता है तो कभी गहरे काले मेघ पहले से ही अंधकार ला देते हैं। कल की बारिश के बाद आज आसमान साफ था और बाहर ठंडी हवा भी चल रही थी। फिर कैसे ये मन रुकता चल दिए छत पर आसमान की ठोह लेने। और सच आधे घंटे में ही ढलते सूरज के साथ आसमान और बादलों ने मिलकर जो रंगत बिखेरी कि मन प्रफुल्लित हो गया। आप भी देखिए ..





क्या आपको नहीं लगता कि कभी कभी हम सभी घर पर टीवी, पीसी और मोबाइल के सामने बँधे रहकर प्रकृति द्वारा खेले जा रहे इस खेल का आनंद लेने से वंचित रह जाते हैं ? अगर आपको मेरे साथ सफ़र करना पसंद है तो फेसबुक पर मुसाफ़िर हूँ यारों के ब्लॉग पेज पर अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराना ना भूलें। मेरे यात्रा वृत्तांतों से जुड़े स्थानों से संबंधित जानकारी या सवाल आप वहाँ रख सकते हैं।

20 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    वाकई सही बात है।

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  2. Waah! Bahut khub. Sach hai.. Baadal bhi girgit ki tarah rang badalte malum hote hai... :)

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  3. Nature is above all..abhi to sea ke andar dekhiye...kya khub duniya banai God ne...

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  4. बेनामीजुलाई 19, 2014

    aaj ke daur me prakriti ke nikat ki tasveer dikhlaane ke liye thanks.

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  5. शु्क्रिया आप सब का बादलों की इस रंगत को पसंद करने का। बादलों और आकाश के अन्य रूपों के साथ आगे भी आपसे मुखातिब होता रहूँगा।

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  6. रांची जिले का मैं भी रहने वाला हूँ, जहाँ की छटा को आपने सुन्दर शब्दों से सजाया।

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