पिछले हफ्ते आपसे वादा था थाइलैंड की पिछले अक्टूबर में की गई यात्रा का विवरण आपके सम्मुख लाने का। ये यात्रा भले ही अक्टूबर के पहले हफ्ते में शुरु हुई थी पर तैयारियाँ हमने अगस्त से ही शुरु कर दी थीं। पहले योजना श्रीलंका जाने की थी और हमारा इरादा पैकेज टूर लेने का था पर ढेर सारे अनुसंधान के बाद हमने मध्य और दक्षिणी श्रीलंका में जाने के लिए जो जगहें चिन्हित की वो कोई पैकेज टूर वाला ले जाने को तैयार नहीं हुआ वहीं पूरी तरह अपने अनुसार बनाया हुआ कार्यक्रम मँहगा सिद्ध हो रहा था।
हम इसी उहापोह में थे कि समूह में से किसी ने सुझाव दिया कि श्रीलंका की बजाए थाइलैंड क्यूँ ना जाया जाए ? थाइलैंड की छवि को लेकर मेरे मन में संशय था कि श्रीलंका की तुलना में वहाँ चमक दमक तो ज्यादा होगी पर शायद वैसी नेसर्गिक सुंदरता ना मिले। पर जब बैंकाक और पटाया को केंद्र ना बना के फुकेट के आस पास के तटीय इलाकों की टोह लेने की बात हुई तो मुझे ये प्रस्ताव जँच गया।
दो तीन टूर आपरेटरों से बात करने के बाद लगा कि पैकेज टूर के बजाए अगर सब कुछ ख़ुद से ही किया जाए तो शायद हम अपनी मर्जी से घूम पाएँगे और पैसों की भी बचत होगी। तो सबसे पहले Air Asia से कोलकाता से बैकांक और बैकांक से फुकेत की उड़ानें बिना किसी एजेंट के मदद लिए ख़ुद ही बुक कर लीं। चूँकि हम दुर्गा पूजा की छुट्टियों में और वो भी कोलकाता से जा रहे थे इसलिए टिकट की दरें प्रति व्यक्ति हजार से डेढ़ हजार तक ज्यादा हो गयीं थीं। वैसे इतना तो पक्का है कि अगर आपको टिकट भाड़ा कम करना है तो छुट्टियों को छोड़कर यानि कार्यालय से अवकाश लेकर यात्रा करनी होगी पर आफिस की सी एल भी तो कम मूल्यवान नहीं है। सो दोनों का संतुलन रखना बड़ा जरूरी हो जाता है।
हवाई टिकट आरक्षित हो जाने के बाद हम लोग कुछ हफ्ते निश्चिंतता से बैठे रहे कि अभी तो दो महीने बाकी हैं। बाद में कर लेंगे। पर दस पन्द्रह दिनों बाद जब अक्तूबर के लिए नेट पर उनके भाव को भी बढ़ता पाया तो निश्चय हुआ कि अब इस काम को भी निपटा देना है।
विदेशों में होटल बुकिंग के लिए कुछ पोर्टल सिर्फ आपका क्रेडिट कार्ड नंबर लेते हैं। अगर आप आरक्षण को निर्धारित समय सीमा के पहले रद्द के दें तो आपका पैसा नहीं कटता पर ऐसा ना करने पर एक दिन का किराया क्रेडिट कार्ड से कट जाता है। हमने काफी छानबीन के बाद Expedia से फुकेत और Make My Trip से बैंकाक का टिकट आरक्षित कर लिया।
होटल और हवाई टिकट तो बुक हो गया पर विदेश में भाषा का पर्याप्त ज्ञान ना होने पर असली समस्या तो वहाँ घूमने की होती है। अब हमने घूमने की जगहें तो पक्की कर ली थीं पर इंटरनेट पर मौज़ूद वहाँ की स्थानीय एजेंसियों में किसे विश्वसनीय मानें ये समझ नहीं आ रहा था। जो टिकट दरें वहाँ के जाल पृष्ठ बता रहे थे उससे कहीं कम में Make My Trip वाले quote दे रहे थे। सो मैंने आपना कार्यक्रम विस्तार से बता कर उन्हें दे दिया और उन्होंने उसी हिसाब से हमारा घूमने का इंतज़ाम भी कर दिया।
छः अक्टूबर को दिन में दो बजे के करीब हमें राँची से कोलकाता रवाना होना था।