Thursday, June 6, 2019

डॉग पार्किंग से रहस्यमयी टॉयलेट तक : क्या है रोम का अनैतिहासिक चेहरा? The other side of Rome, Italy

पीसा के बाद मेरा अगला पड़ाव था रोम का ऍतिहासिक शहर पर आज मैं रोम के इतिहास की बात नहीं करने वाला बल्कि आज पहले वहाँ से जुड़ी दस मजेदार बातें बताना चाहता हूँ जो मैंने अपने अल्प प्रवास में  गौर कीं। भले ही ये सब मैंने रोम में देखा पर मेरे ख्याल से इनमें से ज्यादातर वाकये पूरी इटली पर लागू होते हैं। तो चलिए आपको दिखाएँ रोम की कुछ रोचक झलकियाँ..

इटली की भाषा con eni gas e luce hai tutto sotto controllo :) 

तो शुरुआत इटली की भाषा से। फ्रेंच के ठीक उलट इटालवी भाषा मुँह पर सहज ही चढ़ जाती है। यहाँ के लोग जिस तरह शब्दों को खींच के बोलते हैं, ट को त बना देते हैं और बोलते वक्त आँखों के साथ पूरे चेहरे की भाव भंगिमाएँ ही बदल डालते हैं उसने मुझे इस भाषा की ओर शीघ्र ही आकर्षित कर लिया। अगर आप अंग्रेजी समझते हों तो मान लीजिए कि सिर्फ 'O' प्रत्यय लगाकार आपने इटालवी भाषा के भी कई शब्द सीख लिए। चलिए अब ऊपर की तस्वीर को ध्यान से देखिए। 

बिलबोर्ड से झाँकती कन्या कह रही है con eni gas e luce hai tutto sotto controllo। अब  Eni अगर ब्रांड  का नाम है तो इतना तो आप तुक्का लगा ही सकते हैं कि वाक्य में gas और control का जिक्र है। वैसे मोहतरमा कहना चाहती हैं कि  With Eni gas and light you have everything under control  :)

रोम नगरी का बहुतेरा हिस्सा इन हल्की भूरी और क्रीम रंग की इमारतों से भरा है।

पूरा शहर बादामी और हल्के भूरे रंग से रँगा नज़र आता है जो मुझे बाहर से तो नीरस रंग लगा। 

नाज़ियों के खिलाफ दीवार पर ग्रैफिटी
वैसे तो इटली ने दूसरा विश्व युद्ध मुसोलनी के नेतृत्व में जर्मनी और जापान के साथ लड़ा था पर इस युद्ध में इस तिकड़ी की सबसे कमजोर कड़ी यही था और इसीलिए घुटने टेकने में पहला भी। आज वैसे तो इटली के सम्बन्ध  बाकी यूरोपीय देशों से अच्छे हैं पर प्रचार के बीच नाजियों को गाली देती ये ग्राफिटी जर्मन समुदाय के प्रति लोगों  के अंदर के रोष को ही प्रकट करती हुई दिखती है।

पेड़ कैसे कैसे..कहीं शंकुनुमा
रोम के चारों ओर और शहर के अंदर कुछ पेड़ बड़े अलग सा रूप लेकर सामने आए। शंकुधारी और लॉलीपॉप   सरीखे इन पेड़ों के नाम तो मुझे नहीं मालूम पर ये पूरे शहर को एक अलग सी सुंदरता जरूर प्रदान करते हैं।

....तो कहीं लॉलीपॉप से
अस्सी का दशक याद है आपको जब देश के विभिन्न प्रदेशों में दूरदर्शन के ट्रांसमीटर लगने शुरु हुए थे और उसी के साथ धीरे धीरे बढ़ा था बहुमंजिली इमारतों पर आड़े तिरछे लंबे लंबे एंटेना का मकड़जाल। इन्ही एंटेना को घुमा घुमा कर प्रसारण गुणवत्ता सुधारने में बहुतों ने तब महारत हासिल की थी। 

एंटेना का मकड़जाल

रोम में घुसते ही जब ऐसा ही बेतरतीब जाल दिखा तो लगा चलो किसी मामले में तो इस यूरोपीय देश से आगे निकले। इटली में आज भी प्राइवेट डिश आपरेटरों की तुलना में फ्री टू एयर चैनल का प्रसारण करने वाले टेरेरेस्टियल चैनलों का बोलबाला है।  सरकारी नीतियाँ ही कुछ ऐसी हैं कि इटली के हर इलाके के लिए अलग अलग डिश टीवी आपरेटर हैं। नतीजा ये कि एक ओर तो ये मँहगे हैं तो दूसरी ओर एक साथ उनका कांटेंट पूरे देश में उपलब्ध भी नहीं।

हमने तो कब का बंबई को मुंबई बन दिया पर इटली बांबे को नहीं भूला है।
भारतीयों की आवाजाही जिस तरह विश्व में बढ़ रही है वैसे ही भारतीय व्यंजन परोसने वाले रेस्त्राँ की भी।  विश्व का शायद ही कोई कोना हो जहाँ भारतीय भोजन की धमक ना पहुँची हो। बहरहाल अगर कोई इटली में है तो भारतीय स्वाद से हटकर अठारहवीं शताब्दी में यहाँ के शहर नेपल्स से प्रचलित हुआ पिज्जा उसकी पहली पसंद क्यूँ ना हो? वैसे भी ये जानने का मन तो भारतीय पिज्जा प्रेमियों का करता ही है कि आखिर डोमिनो और पिज्जा हट की दुनिया से परे इटली के वास्तविक पिज्जा का स्वाद कैसा है?

पिज्जा जो इटली का सर्वाधिक लोकप्रिय व्यंजन है विश्व में।
भारत में रहने वाले लोगों के लिए वेस्पा एक जाना पहचाना नाम है। यहाँ  बजाज को अगर किसी स्कूटर ब्रांड ने चुनौती दी तो वो एल एम एल वेस्पा ही थी। वैसे वेस्पा ब्रांड की शुरुआत इटली में  पिआजियो ने तब की थी जब भारत आजाद हुआ था। आजकल भारयीय सड़कों पर वेस्पा के नए मॉडल फिर से दिखाई दे रहे हैं। यही वजह थी कि रोम की सड़कों पर इस स्कूटर को देखना मन को एक ख़ुशी दे गया ।

ये लीजिए आपका जाना पहचाना ब्रांड वेस्पा रोम की सड़कों पर
कॉफी या कोल्ड ड्रिंक वेंडिंग मशीन तो आपने हर जगह देखी होंगी पर कंडोम वेडिंग मशीन, वो भी रोमन कैथलिक चर्च के मुख्यालय रोम में आप जगह जगह देख पाएँगे। आश्चर्य की बात ये है कि इस बात को लेकर अमेरिकी भी उतने ही आश्चर्यचकित हो रहे थे जितना कि संकोची एशियाई समाज से आने वाले हमारे जैसे लोग। उनके चकित होने की वजह ये है कि कैथलिक चर्च अमेरिका में लोगों को बर्थ कंट्रोल से विमुख करता है और यहाँ उसके मुख्य केंद्र में ऐसी मशीनें रखी जा रही हैं । बाद मैं मैंने एक जगह इस विषय पर एक अमेरिकी टिप्पणी पढ़ी

In the land of the catholic church, they supply condoms for those "in need." In the U.S., they want to do away with birth control. Kind of makes your head spin, doesn't it?

कंडोम वेंडिंग मशीन और साथ में डॉग पार्किंग !
इटली के मदिरालय में कॉफी भी मिलती है और वहाँ की सर्विस, वेडिंग मशीन जैसी ही त्वरित है। इसलिए मशीनों की ये परंपरा वहाँ नयी है। कंडोम के आलावा सिगरेट भी इन मशीनों से खरीदी जा सकती हैं।

पता नहीं आपने गौर किया या नहीं कि इस मशीन के साथ नीचे ही एक हुक बना है। हुक के ठीक नीचे लिखा है डॉग पार्किंग यानि कुत्तों की पार्किंग। चौंक गए ना आप? यहाँ तो आप ढंग की कार पार्किंग के लिए परेशान हो जाते हैं और वहाँ इटली में किसी स्टोर में घुसने से पहले अपने कुत्तों को आप इन हुक में बाँध कर यानी  park  कर  खरीदारी कर सकते हैं। कुत्तों को अपने साथ सफर करने के लिए जर्मनी की तरह इटली भी अपने नियमों में काफी लचीला है। मतलब  Dog loving nation के तौर पर इटली का भी नाम लिया जा सकता है।

पेंट छिड़ककर दीवारों पर उल्टी सीधी ग्राफिटी करने का रोग रोम में तो मुझे गंभीर नज़र आया।
अगर आप इटली में है और आपको शौचालय के लिए टॉयलेट लिखा नहीं दिख रहा तो फिर बॉन्यो (Bagno) शब्द ढूँढिए। याद रखिए इसमें g साइलेंट और बोलते वक़्त अंत में 'o ' के पहले खामखा एक अदृश्य 'y' आ जाता है। अगर वो भी ना दिखे तो किसी से पूछ लीजिए डोवेल बॉन्यो यानी  शौचालय कहाँ है ?

पेंट से लिखी जाने वाली ग्राफिटी की समस्या तो आजकल भारत में भी देखी जा रही है पर ये कहाँ से आई है ये आप इस शौचालय की बाहरी दीवार को देख कर समझ सकते हैं।

बाहरी महादेशों से यूरोप में विचरण करने वालों के लिए सबसे रहस्यपूर्ण है इटालियन टॉयलेट। आप कहेंगे अब शौचालय में ऐसा क्या चौंकाने वाला हो सकता है जिसकी अलग से चर्चा करनी पड़े? दरअसल इटली के बाथरूम में घुसते ही आपको एक की बजाए दो टॉयलट सीट दिखेंगी। एक तो वैसी ही जो अपने यहाँ पश्चिमी रंग में रँगे शौच में दिखती है और दूसरे उसके समानांतर, जो दिखती तो वाशबेसिन जैसी है पर जिसकी ऊँचाई सिर्फ टॉयलेट सीट जितनी ही होती है। खा गए ना चक्कर?

मैं जब इटली गया था यो इसके बारे में थोड़ा बहुत पढ़कर अंदाजा हो गया था पर मैंने इसका प्रयोग किया ही नहीं यानी भारतीय अंदाज में ही अपना काम निबटा दिया। दरअसल दूसरी सीट बिडेट के नाम से जानी जाती है। पहली में आपको शौच करना है और दूसरी में बिना अपने हाथ का इस्तेमाल किए, बैठते हुए करनी है अपनी सफाई। सीट पर बैठकर जिस ओर की सफाई करनी है ऊधर मुँह घुमाकर बैठ जाइए और नल को खोल दीजिए। बिडेट में गीले होने के बाद शरीर को सुखाने के लिए बाथरूम में छोटे पर बेहद पतले तौलिए होते हैं जो की सामान्य तौलिये के साथ ही आपको लटके मिलेंगे ।

क्या आपको पता है इटालियन शौचालय का रहस्य ?
दरअसल इटली में ये परंपरा फ्रांस के धनाढय वर्ग से होती हुई पहुँची जिन्हें साफ सफाई के लिए थोड़ा नफासत वाला अंदाज पसंद था। इटली वालों को ये तरीका इतना जँच गया कि ज्यादा जगह घेरने के बाद भी वो अधिकांश जगह इसका इस्तेमाल करते हैं वहीं जापान ने बिडेट की प्रक्रिया एक ही टॉयलेट सीट में एकीकृत कर दी है।

रोम शहर की इन झलकियों के बाद ले चलूँगा मैं आपको इसकी विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतों की तरफ इस कड़ी के अगले भाग में..। अगर आपको मेरे साथ सफ़र करना पसंद है तो Facebook Page Twitter handle Instagram  पर अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराना ना भूलें।


इटली यात्रा में अब तक

12 comments:

  1. Interesting..i have been there in 1990. It's indeed a beautiful city.

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    1. It gives a feel of walking in a heritage city. Though on that account I liked Paris more than Rome. But overall Italy has some rustiness like our own country and that attracts.

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    2. Very true. Visit Pompei too.

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    3. Could not go to Naples area this time as we turned northwards towards Venice after visiting Rome.

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  2. बढिया जानकारी।

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    1. आलेख आपको अच्छा लगा जानकर प्रसन्नता हुई।

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  3. वाह। इताली माना मेरा दूसरा निवास है। १७-१८ बार जा चुकी हू । दो साल तक़रीबन भाषा का अध्ययन भी किया। पर आपका लेख पढ़कर दिल गदगद हो गया। क्या बारीकियाँ निकाली हैं। वाह।

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    1. वाह 17-18 बार। मैं तो कुछ ही दिन वहाँ था। आपको आलेख पसंद आया जानकर बेहद खुशी हुई।

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  4. रोचक पोस्ट। रोम के विषय में नई नवेली जानकारी मिली। अगली पोस्ट का इन्तजार है।

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    1. शुक्रिया ! अगली पोस्ट कुछ ही दिनों में आपके सामने होगी।

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  5. टी वी एन्टेना हतप्रभ कर रहा है, शकुंवाकार वृक्ष अच्छे लगे। किन्तु Toilet का उल्लेख सर्वोत्तम् है।

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  6. टिप्पणी किसी और नाम से पोस्ट हुयी है

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